पशु तस्करी के खिलाफ शहडोल संभाग में बड़ी कार्रवाई: 100 से अधिक पशु बरामद, 3 आरोपी गिरफ्तार
जैतहरी थाना क्षेत्र के ग्राम लपटा में पशु तस्करी के विरुद्ध पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक पशुओं को बरामद किया और 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के निर्देशन में जैतहरी एवं वेंकटनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। लंबे समय से चल रहे कथित पशु तस्करी नेटवर्क की जांच में पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित लोगों तक पहुंचने की दिशा में जांच कर रही है।
अतुल सिंह बघेल / मध्यप्रदेश
लपटा में लंबे समय से चल रहे कथित तस्करी के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, वाहनों सहित बड़ी संख्या में पशु कब्जे में; पूछताछ में सामने आ सकते हैं कई अहम नाम
आशीष तिवारी : वेंकटनगर। जैतहरी थाना क्षेत्र के ग्राम लपटा में पशु तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक पशुओं को अपने कब्जे में लिया है। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को भी जब्त किया है। एक ही कार्रवाई में इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की बरामदगी ने पूरे क्षेत्र में चल रहे कथित पशु तस्करी के नेटवर्क को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के निर्देशन में जैतहरी थाना पुलिस एवं वेंकटनगर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई। पुलिस की इस कार्रवाई को शहडोल संभाग में पशु तस्करी के विरुद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। यदि बरामद पशुओं की संख्या और पूरे मामले की जांच में सामने आने वाले तथ्यों की पुष्टि होती है, तो यह कार्रवाई प्रदेश स्तर पर भी बड़ी कार्रवाई के रूप में सामने आ सकती है।
लपटा को लेकर लंबे समय से उठते रहे सवाल
सूत्रों के मुताबिक लपटा क्षेत्र में लंबे समय से बड़ी संख्या में पशुओं को एकत्र कर उन्हें दूसरे स्थानों तक भेजे जाने की गतिविधियों की चर्चाएं होती रही हैं। अब एक साथ 100 से अधिक पशुओं की बरामदगी के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में पशु कहां से लाए गए, इन्हें कहां ले जाया जा रहा था और इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
पुलिस यदि पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाती है तो केवल मौके पर पकड़े गए आरोपियों तक कार्रवाई सीमित न रहकर कथित नेटवर्क के अन्य संचालकों, पशु उपलब्ध कराने वालों, परिवहन से जुड़े लोगों तथा अंतिम गंतव्य तक इसकी जांच पहुंच सकती है।
एक रात की कार्रवाई ने खोल दिए कई सवाल
इस कार्रवाई की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पुलिस को मौके से 100 से अधिक पशु मिले। इतनी बड़ी संख्या में पशुओं को एक साथ ले जाने की कोशिश अपने आप में बड़े नेटवर्क की ओर संकेत करती है। हालांकि पूरे मामले की वास्तविकता पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि पशुओं की खरीद-फरोख्त किस स्तर पर हुई, उनका परिवहन किसके इशारे पर किया जा रहा था और इस पूरे कारोबार में आर्थिक लेन-देन किन लोगों के बीच हुआ।
क्या सामने आएगा पूरा नेटवर्क?
तीनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ को इस मामले में अहम माना जा रहा है। पुलिस यदि आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ करते हुए मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, व्हाट्सऐप चैट, बैंकिंग लेन-देन, वाहनों की आवाजाही और संपर्क में रहे लोगों की जानकारी की जांच करती है, तो कथित तस्करी नेटवर्क की कई परतें खुल सकती हैं।
जांच का दायरा बढ़ने पर यह भी स्पष्ट हो सकता है कि पशुओं को कहां से एकत्र किया गया था और उन्हें किस स्थान पर भेजा जाना था। इसके अलावा यदि किसी संगठित गिरोह की भूमिका सामने आती है तो पुलिस के लिए यह कार्रवाई और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी।
पूर्व की कथित निष्क्रियता पर भी उठेंगे सवाल
लपटा क्षेत्र को लेकर लंबे समय से पशु तस्करी की चर्चाएं होने की बात सामने आती रही है। ऐसे में अब यह सवाल भी उठना स्वाभाविक है कि यदि इतने बड़े पैमाने पर पशु परिवहन का नेटवर्क सक्रिय था, तो पूर्व में इस पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
हालांकि किसी पूर्व अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता को लेकर बिना जांच के निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। यदि पुलिस की जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
एसपी के निर्देश के बाद अवैध कारोबारियों में खलबली
जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के निर्देशन में लगातार सख्ती की बात सामने आ रही है। पशु तस्करी के इस मामले में बड़ी संख्या में पशुओं की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी को उसी अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध पशु परिवहन और तस्करी से जुड़े लोगों में खलबली मचने की बात कही जा रही है। आमजन एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों की नजर अब पुलिस की आगे की जांच पर टिकी है।
सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, पूरे नेटवर्क तक पहुंचे जांच
इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की बरामदगी के बाद लोगों की अपेक्षा है कि मामला केवल आरोपियों की गिरफ्तारी और जब्ती तक सीमित न रहे। पुलिस पूरे नेटवर्क की आर्थिक और संपर्क कड़ियों की जांच करे और यदि कोई संगठित गिरोह सामने आता है तो उसके सभी सदस्यों तक कार्रवाई पहुंचे।
विशेषज्ञ जांच के लिहाज से आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल संचार, बैंक खातों से जुड़े लेन-देन, वाहन मालिकों तथा पूर्व में इसी तरह की गतिविधियों से जुड़े मामलों की भी जांच महत्वपूर्ण हो सकती है।
दोष सिद्ध होने पर हो कड़ी कानूनी कार्रवाई
पशु तस्करी केवल पशुओं के अवैध परिवहन का मामला नहीं है, बल्कि इससे कानून-व्यवस्था और सामाजिक संवेदनाओं से जुड़े गंभीर प्रश्न भी उठते हैं। इसलिए यदि जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं और न्यायालय में अपराध सिद्ध होता है, तो संबंधित आरोपियों के विरुद्ध कानून के तहत कठोरतम दंड की कार्रवाई होनी चाहिए।
साथ ही निर्दोष व्यक्ति को केवल आरोप के आधार पर दोषी ठहराने के बजाय पुलिस को वैज्ञानिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ानी चाहिए, ताकि पूरे मामले में वास्तविक दोषियों तक कानून का शिकंजा पहुंच सके।
अब बड़ी जांच का इंतजार
लपटा में हुई इस कार्रवाई ने पशु तस्करी के कथित नेटवर्क को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। 100 से अधिक पशुओं की बरामदगी और तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस नेटवर्क के पीछे कौन है, पशुओं को कहां भेजा जा रहा था और इतने लंबे समय से चल रही कथित गतिविधियों को संरक्षण कौन दे रहा था?
यदि पुलिस इन सवालों की तह तक पहुंचती है और जांच में सामने आने वाले हर व्यक्ति की भूमिका की निष्पक्ष जांच करती है, तो यह कार्रवाई केवल एक बड़ी बरामदगी नहीं बल्कि शहडोल संभाग में पशु तस्करी के कथित नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार साबित हो सकती है।
पुलिस टीम की कार्रवाई: यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के निर्देशन में, जैतहरी थाना प्रभारी गोकुलानंद पाण्डेय एवं वेंकटनगर चौकी प्रभारी प्रवीण साहू के नेतृत्व में संयुक्त पुलिस टीम द्वारा की गई। मामले में आगे की जांच एवं आरोपियों से पूछताछ के बाद और भी तथ्य सामने आने की संभावना है।
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