भारी बारिश के बीच जनविश्वास कार्यक्रम पर सवाल, क्या महज औपचारिकता बनकर रह गया आयोजन?

24 सितंबर से लगातार हो रही भारी बारिश के बीच 26 सितंबर को जनपद पंचायत बुढार की ग्राम पंचायत कदौंङी में आयोजित जनविश्वास कार्यक्रम सवालों के घेरे में है। कार्यक्रम स्थल पर जलभराव के चलते आमजन की पहुंच और समस्याओं के निराकरण को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

Sep 26, 2026 - 11:21
Sep 26, 2026 - 11:33
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भारी बारिश के बीच जनविश्वास कार्यक्रम पर सवाल, क्या महज औपचारिकता बनकर रह गया आयोजन?
फ़ाइल फोटो

जनता का विश्वास जरूरी या फिर जनविश्वास कार्यक्रम की औपचारिकता?

भारी बारिश के बीच आयोजित जनविश्वास कार्यक्रम सवालों के घेरे में, कदौंडी पंचायत में जलभराव के बीच आयोजन

शहडोल। मध्यप्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप आमजन की समस्याओं के निराकरण और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिलों में जनविश्वास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शहडोल जिले में आज 26 सितंबर 2026 को जनविश्वास कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। बताया गया है कि इस कार्यक्रम के तहत अधिकारी-कर्मचारी जनता के बीच पहुंचकर उनकी छोटी-बड़ी समस्याओं का मौके पर निराकरण करने तथा शासन की योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

लेकिन जिले में 24 सितंबर से लगातार हो रही भारी बारिश के बीच 26 सितंबर को आयोजित किए जा रहे जनविश्वास कार्यक्रम को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। खासतौर पर जनपद पंचायत बुढार अंतर्गत ग्राम पंचायत करौंदी में आयोजित कार्यक्रम स्थल की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। भारी बारिश के चलते कार्यक्रम स्थल के मैदान में पानी भरा हुआ है। ऐसे मौसम में आम लोगों के कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने और अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

क्या बारिश में पहुंच पाएगा अंतिम छोर का व्यक्ति?

जनविश्वास कार्यक्रम का मूल उद्देश्य ही शासन और जनता के बीच संवाद स्थापित करना तथा लोगों की समस्याओं का समाधान करना है। ऐसे में सवाल यह है कि जब लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित है और कार्यक्रम स्थल पर भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है, तो क्या समाज के अंतिम छोर पर रहने वाला व्यक्ति अपनी समस्या लेकर अधिकारियों तक पहुंच पाएगा?

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि कार्यक्रम में लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या विपरीत मौसम में आयोजित यह कार्यक्रम वास्तव में जनता की समस्याओं के समाधान का माध्यम बनेगा या महज एक औपचारिकता बनकर रह जाएगा?

आयोजन स्थल की व्यवस्था पर भी सवाल

भारी बारिश के बीच कार्यक्रम आयोजित किए जाने से आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल सामने आ रहे हैं। मैदान में पानी भरने की स्थिति में ग्रामीणों के बैठने, अधिकारियों तक पहुंचने और अपनी शिकायतें रखने में उन्हें किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा, यह भी देखने वाली बात होगी।

जनविश्वास कार्यक्रम का उद्देश्य शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना है, लेकिन यदि कार्यक्रम ही ऐसी परिस्थितियों में आयोजित हो, जहां आमजन के लिए पहुंचना मुश्किल हो जाए, तो कार्यक्रम के मूल उद्देश्य की सफलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

फिलहाल, 24 सितंबर से लगातार हो रही भारी बारिश के बीच 26 सितंबर को आयोजित जनविश्वास कार्यक्रम को लेकर कई सवाल सामने हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन परिस्थितियों के बीच कितनी संख्या में आमजन की समस्याओं का वास्तविक निराकरण कर पाता है और कार्यक्रम अपने उद्देश्य को कितना पूरा कर पाता है।

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