जनपद मे बैठे सत्ताधारी और मंसूरी के मंसूबे की कारगुजारी के सांठ-गांठ से चल रहा कारोबार ,!

शहडोल जिले के जनपद क्षेत्र में निर्माण कार्यों को लेकर कथित अनियमितताओं, गुणवत्ता पर उठे सवाल, उपयंत्री अमन मंसूरी की भूमिका, तकनीकी निरीक्षण व्यवस्था और ग्राम पंचायत सकरा व केशवाही के निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच की मांग पर आधारित विशेष रिपोर्ट।

Jul 18, 2026 - 21:32
Jul 20, 2026 - 08:12
 0  60
जनपद मे बैठे सत्ताधारी और मंसूरी के मंसूबे की कारगुजारी के सांठ-गांठ से चल रहा कारोबार ,!
पुलिया निर्माण बीम
जनपद मे बैठे सत्ताधारी और मंसूरी के मंसूबे की कारगुजारी के सांठ-गांठ से चल रहा कारोबार ,!
जनपद मे बैठे सत्ताधारी और मंसूरी के मंसूबे की कारगुजारी के सांठ-गांठ से चल रहा कारोबार ,!
जनपद मे बैठे सत्ताधारी और मंसूरी के मंसूबे की कारगुजारी के सांठ-गांठ से चल रहा कारोबार ,!
जनपद मे बैठे सत्ताधारी और मंसूरी के मंसूबे की कारगुजारी के सांठ-गांठ से चल रहा कारोबार ,!

जनपद मे बैठे सत्ताधारी और मंसूरी के मंसूबे की कारगुजारी की सांठ-गांठ से चल रहा कारोबार ,!

जनपद पंचायत बुढ़ार  में इन दिनों हो रहे विकास कार्यो की चर्चा जोरों पर है कि जिन जनप्रतिनिधियों को ग्रामीणों ने विकास कार्यों की निगरानी और जनहित की अपेक्षा के साथ चुना था, वे स्वयं निर्माण कार्यों में कथित रूप से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिक जिम्मेदारी योजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है, लेकिन आरोप हैं कि कुछ स्थानों पर यही जिम्मेदारी कथित रूप से ठेकेदारी जैसे कार्यों में बदलती दिखाई दे रही है।

"एक लाख का काम, पाँच लाख की स्वीकृति! विकास या गणित का नया चमत्कार?"

ग्राम पंचायत सकरा में लगभग 5 लाख रुपये की लागत से निर्मित पुलिया एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जिस स्थान पर महज एक साधारण ह्यूम पाइप (धोला पाइप) लगाकर करीब 1 लाख रुपये में आवागमन की व्यवस्था की जा सकती थी, वहां बिना आवश्यकता लगभग 5 लाख रुपये की पुलिया बनाकर सरकारी धन का अनावश्यक व्यय किया गया।

शिकायतकर्ताओं का यह भी दावा है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया। आरोप है कि सीमेंट की मात्रा कम, रेत अधिक और मानक से कम सरिया का उपयोग किया गया, जिसके चलते निर्माण के कुछ ही समय बाद कई स्थानों पर कंक्रीट उखड़ने लगी और गिट्टियां बाहर दिखाई देने लगीं। सबसे गंभीर आरोप यह है कि पुलिया का समुचित तकनीकी परीक्षण और गुणवत्ता सत्यापन किए बिना ही करीब 4 लाख रुपये का भुगतान जारी कर दिया गया। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर भुगतान की जल्दबाजी किसके इशारे पर हुई और गुणवत्ता की जिम्मेदारी किसकी है? यदि आरोप सही हैं तो यह केवल निर्माण की लापरवाही नहीं, बल्कि सरकारी धन के उपयोग पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

तकनीकी निरीक्षक की भूमिका भी सवालों के घेरे में 

ग्रामीणों ने यह आरोप लगाया है कि यदि पुलिया निर्माण में गुणवत्ता संबंधी कमियां थीं और बिना पूर्ण मूल्यांकन के भुगतान हुआ, तो निर्माण के दौरान तकनीकी निरीक्षण की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों की कार्यप्रणाली की भी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। आखिर गुणवत्ता परखने की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी उस समय क्या कर रहे थे? यदि निरीक्षण हुआ था, तो कथित कमियां कैसे नजरअंदाज हो गईं ! सूत्रों द्वारा प्राप्त जानकारी ग्राम पंचायत सकरा के शा. मा. विद्यालय मे हुए तक़रीबन 18•25 लाख से निर्मित बाउण्ड्री वाल में घोर अनियमितता सामने आई है पूरे निर्माण कार्य में 10 और 6 एम एम की गिट्टी का उपयोग कंक्रीट में किया गया है 8 और 10 एमएम की सरिया का उपयोग किया गया है तकनीकी निरीक्षक को संपूर्ण जानकारी होने पर भी किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया और पूरा मूल्यांकन कर संपूर्ण राशि का आहरण कर लिया गया है!

ग्राम पंचायत केशवाही में पुलिया, सीसी रोड, नाली सहित विभिन्न निर्माण कार्यों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन आज तक किसी भी शिकायत का स्पष्ट परिणाम सामने नहीं आया। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल तकनीकी निरीक्षण व्यवस्था और संबंधित तकनीकी निरीक्षक की जवाबदेही पर उठ रहा है। यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हुए हैं तो शिकायतों का निष्पक्ष परीक्षण कर सच्चाई सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही? वहीं यदि शिकायतों में तथ्य हैं, तो कार्रवाई में देरी आखिर किसके संरक्षण में हो रही है? क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि जिन कार्यों में उपयंत्री अमन मंसूरी की तकनीकी भूमिका रही, उनमें से कई निर्माण गुणवत्ता और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के कारण सवालों के घेरे में आए हैं। इन सभी मामलों की निष्पक्ष तकनीकी जांच से ही वास्तविक स्थिति का पता चल पाएगा 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0