जिले में धड़ल्ले से चल रहे अवैध आधार कार्ड सेंटर! एक ही नाम पर कई मशीनें, मनमानी वसूली का सिंडिकेट?

शहडोल जिले में आधार कार्ड सेवाओं के नाम पर कथित रूप से अवैध सेंटरों के संचालन और मनमानी शुल्क वसूली के आरोप सामने आ रहे हैं। एक ही नाम पर कई मशीनें संचालित होने, बिना अनुमति कैंप लगाने तथा निर्धारित सरकारी शुल्क से अधिक राशि लेने की शिकायतें हैं। मामले ने ई-गवर्नेंस व्यवस्था और आधार डेटा की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जनसत्ता एक्सपोज की टीम पूरे मामले से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य एकत्र कर जांच एजेंसियों को सौंपने की तैयारी में है।

Jul 25, 2026 - 00:18
Jul 25, 2026 - 00:20
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जिले में धड़ल्ले से चल रहे अवैध आधार कार्ड सेंटर! एक ही नाम पर कई मशीनें, मनमानी वसूली का सिंडिकेट?
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जिले में धड़ल्ले से चल रहे अवैध आधार कार्ड सेंटर! एक ही नाम पर कई मशीनें, मनमानी वसूली का सिंडिकेट?

अतुल सिंह बघेल / जनसत्ता Expose 

शहडोल !!

 जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इन दिनों आधार कार्ड सेवाओं के नाम पर कथित रूप से अवैध आधार कार्ड सेंटरों का संचालन होने की चर्चाएं तेज हैं। सोशल मीडिया, पोस्टर, बैनर और पंपलेट के माध्यम से नए आधार कार्ड बनाने, बायोमेट्रिक अपडेट, मोबाइल नंबर जोड़ने, पता एवं जन्मतिथि सुधार सहित अन्य आधार सेवाओं का खुलेआम प्रचार किया जा रहा है। आरोप है कि इनमें से कई सेंटर बिना वैध प्राधिकरण के संचालित हो रहे हैं तथा आम नागरिकों से सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क से कई गुना अधिक राशि वसूली जा रही है।

सूत्रों के अनुसार जिले के कई कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में दुकानों एवं निजी प्रतिष्ठानों पर साप्ताहिक कैंप लगाकर आधार सेवाएं देने का दावा किया जा रहा है। कई स्थानों पर लोगों से नकद राशि लेकर आधार अपडेट और नए आधार कार्ड की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। आरोप यह भी हैं कि कई केंद्र निर्धारित सरकारी शुल्क की जानकारी छिपाकर मनमानी रकम वसूल रहे हैं, जिससे आम नागरिक आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं।

मामले का सबसे गंभीर पहलू यह बताया जा रहा है कि एक ही संस्था, एजेंसी अथवा एक ही अधिकृत नाम के तहत कई मशीनें अलग-अलग स्थानों पर संचालित किए जाने की चर्चा है। यदि जांच में यह तथ्य सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल यूआईडीएआई (UIDAI) के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन होगा, बल्कि पूरी ई-गवर्नेंस व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करेगा।

आधार भारत सरकार की सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल पहचान प्रणाली है और इससे जुड़ी सेवाएं केवल यूआईडीएआई द्वारा अधिकृत आधार सेवा केंद्रों, बैंकों, डाकघरों एवं अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से ही उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इन सेवाओं के लिए सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क तय है तथा अधिकृत माध्यमों से प्राप्त शुल्क का नियमानुसार हिस्सा शासन की ई-गवर्नेंस व्यवस्था के अंतर्गत जमा होता है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति या संस्था निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूल रही है अथवा बिना अनुमति आधार सेवाओं का संचालन कर रही है, तो यह गंभीर जांच का विषय है।

जानकारों का मानना है कि यदि जिले में अनधिकृत आधार सेंटर संचालित हो रहे हैं तो यह केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं है, बल्कि लोगों की आधार संबंधी गोपनीय जानकारी, बायोमेट्रिक डेटा और व्यक्तिगत सूचनाओं की सुरक्षा से भी जुड़ा गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में डेटा के दुरुपयोग की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि शहडोल जिले में कुल कितने आधार सेवा केंद्र अधिकृत हैं और कितने कथित रूप से बिना अनुमति संचालित हो रहे हैं? जिले में संचालित प्रत्येक आधार मशीन किस संस्था, बैंक, डाकघर अथवा एजेंसी के नाम पर पंजीकृत है? क्या एक ही नाम या एक ही अधिकृत पहचान के आधार पर कई मशीनें अलग-अलग स्थानों पर संचालित की जा रही हैं? सरकार द्वारा आधार सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्क कितना है और उसमें से कितना हिस्सा शासन एवं ई-गवर्नेंस व्यवस्था के अंतर्गत जमा होता है? यदि निर्धारित शुल्क तय है, तो लोगों से उससे अधिक राशि किस आधार पर वसूली जा रही है? क्या इन कैंपों को यूआईडीएआई की विधिवत अनुमति प्राप्त है? और यदि नहीं, तो जिला प्रशासन तथा संबंधित विभाग अब तक कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं?

यदि जांच में यह पूरा मामला सही पाया जाता है, तो जिले में संचालित सभी आधार सेवा केंद्रों का व्यापक सत्यापन कराया जाना चाहिए। अधिकृत एवं अनधिकृत केंद्रों की सूची सार्वजनिक की जानी चाहिए, एक ही नाम पर संचालित मशीनों की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए तथा मनमानी वसूली करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। यदि यह व्यवस्था केवल शहडोल तक सीमित न होकर प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी प्रकार संचालित हो रही है, तो पूरे प्रदेश स्तर पर इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

जनसत्ता एक्सपोज की पहल:

जनसत्ता एक्सपोज की टीम इस पूरे मामले में जिलेभर से आधार सेवा केंद्रों से संबंधित दस्तावेज, प्रचार सामग्री, वीडियो, फोटो, शुल्क वसूली से जुड़े साक्ष्य एवं अन्य तथ्यात्मक जानकारी एकत्रित कर रही है। प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद संकलित समस्त दस्तावेज एवं साक्ष्य संबंधित जांच एजेंसियों, जिला प्रशासन, यूआईडीएआई तथा अन्य सक्षम अधिकारियों को उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा अवैध संचालन सामने आता है, तो दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की जाएगी।

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