मां काली मंदिर सिंहपुर बना लोक न्यास, पहली कार्यसमिति गठित; अब ऑनलाइन बैंक खाते और QR स्कैनर से होगा पारदर्शी संचालन
सिंहपुर स्थित मां काली मंदिर का मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियम, 1951 के तहत पंजीयन होने के बाद पहली कार्यसमिति का गठन किया गया। अब मंदिर का संचालन ऑनलाइन बैंक खाते एवं QR स्कैनर के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।
अतुल सिंह बघेल
शहडोल जिले के सिंहपुर स्थित प्रसिद्ध मां काली मंदिर अब विधिवत लोक न्यास (पब्लिक ट्रस्ट) के रूप में संचालित होगा। मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियम, 1951 के तहत मंदिर का पंजीयन होने के बाद प्रथम कार्यसमिति का सर्वसम्मति से गठन कर दिया गया है। न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं पंजीयक लोक न्यास, सोहागपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार सदस्यता प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत आयोजित पहली सामान्य सभा में पदाधिकारियों का चयन किया गया। इसके साथ ही मंदिर की प्रशासनिक, वित्तीय एवं विकास संबंधी गतिविधियों को पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
लोक न्यास अधिनियम के तहत मिला विधिक स्वरूप
पंजीयक लोक न्यास द्वारा जारी प्रमाणपत्र के अनुसार "मां काली मंदिर लोक न्यास, सिंहपुर, तहसील सोहागपुर, जिला शहडोल" का मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के तहत विधिवत पंजीयन किया गया है। यह प्रमाणपत्र 27 जुलाई 2026 को न्यायालय की पदमुद्रा के साथ जारी किया गया, जिससे मंदिर को आधिकारिक रूप से लोक न्यास का दर्जा प्राप्त हुआ।
सदस्यता प्रक्रिया के बाद हुई पहली सामान्य सभा
आदेश के अनुसार निर्धारित शुल्क जमा कर इच्छुक श्रद्धालुओं को ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया। सदस्यता प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद 15 जुलाई 2026 को प्रथम सामान्य सभा आयोजित की गई। बैठक में सांसद एवं विधायक प्रतिनिधियों की नियुक्ति संबंधी पत्रों सहित प्राप्त प्रस्तावों पर विचार किया गया तथा सर्वसम्मति से पहली कार्यसमिति का गठन किया गया।
इन पदाधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
प्रथम कार्यसमिति में सर्वसम्मति से निम्न पदाधिकारियों का चयन किया गया—
अध्यक्ष: शिवनारायण द्विवेदी (सिंहपुर)
उपाध्यक्ष: मनीष शुक्ला (ग्राम नरगी)
सह सचिव: श्रवण श्रीवास्तव (सिंहपुर)
सह कोषाध्यक्ष: दीपेश तिवारी (सिंहपुर)
स्थायी सदस्य: जगदीश प्रसाद तिवारी (सिंहपुर)
तहसीलदार और नायब तहसीलदार करेंगे सहयोग
पंजीयक लोक न्यास द्वारा जारी आदेश में निर्देशित किया गया है कि मंदिर से संबंधित आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाएं तहसीलदार सोहागपुर एवं नायब तहसीलदार सिंहपुर के सहयोग से सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि लोक न्यास का संचालन नियमों के अनुरूप एवं सुचारु रूप से किया जा सके।
ऑनलाइन बैंक खाता और QR स्कैनर होंगे अनिवार्य
आदेश में मंदिर लोक न्यास के नाम से तत्काल बैंक खाता खोलने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए QR स्कैनर स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मंदिर की समस्त आय-व्यय अब ऑनलाइन बैंक खाते के माध्यम से संचालित होगी, जिससे दान राशि एवं अन्य वित्तीय लेन-देन का पारदर्शी रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा।
पारदर्शी प्रबंधन की दिशा में बड़ा कदम
मंदिर को लोक न्यास का दर्जा मिलने और पहली कार्यसमिति के गठन के साथ ही धार्मिक, सामाजिक एवं विकास संबंधी गतिविधियों के लिए संस्थागत व्यवस्था मजबूत हुई है। ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल भुगतान व्यवस्था लागू होने से मंदिर की आय-व्यय में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा भविष्य में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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