विद्यार्थी बने मजदूर! केशौरी मिडिल स्कूल में बच्चों से कराया जा रहा मिट्टी-मुरुम भराव का काम?
बुढ़ार क्षेत्र के केशौरी मिडिल स्कूल का एक वीडियो सामने आया है जिसमें कथित रूप से विद्यार्थियों को बारिश के बाद स्कूल परिसर में मिट्टी-मुरुम भराव और कीचड़ हटाने के काम में लगाया गया है। इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
अतुल सिंह बघेल / मध्यप्रदेश
बुढ़ार। जनपद पंचायत बुढ़ार क्षेत्र के केशौरी मिडिल स्कूल से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। वीडियो में बारिश के कारण स्कूल परिसर में फैले कीचड़ को हटाने और मिट्टी-मुरुम से भराव करने के काम में स्कूल के विद्यार्थियों के शामिल होने का दावा सामने आया है।
सवाल यह है कि जिन बच्चों के हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए, उन्हें आखिर मजदूरों की तरह मिट्टी-मुरुम के काम में क्यों लगाया जा रहा है? बारिश के मौसम में स्कूल में पढ़ाई के बजाय बच्चों से श्रम कराया जाना शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
वीडियो सामने आने के बाद अब यह जांच का विषय है कि बच्चों से किसके निर्देश पर यह काम कराया गया, स्कूल प्रबंधन की इसमें क्या भूमिका रही और क्या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी थी?
यदि वीडियो में दिखाई दे रहा मामला सही है, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई के साथ-साथ यह भी जांच जरूरी है कि स्कूल परिसर एवं पहुंच मार्ग की ऐसी स्थिति क्यों बनी और इसके स्थायी समाधान के लिए विभाग द्वारा क्या कदम उठाए गए।
बड़ा सवाल—
क्या स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी अब पढ़ाई छोड़कर मजदूर बनेंगे?
मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई और स्कूल में बच्चों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किए जाने की मांग उठ रही है।
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