कोयला परिवहन में एक और मौत: हाइवा की टक्कर से युवक की मौत, सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार एजेंसियों पर उठे सवाल
शहडोल जिले के धनपुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत बेम्हौरी में कोयला परिवहन में लगी हाइवा की टक्कर से 20 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद कई घंटे तक सड़क जाम रहा। स्थानीय लोगों ने भारी वाहनों की तेज रफ्तार, सुरक्षा व्यवस्था और परिवहन प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच एवं जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।
कोयला परिवहन में एक और मौत, आखिर जिम्मेदार कौन?
अतुल सिंह बघेल / जनसत्ता expose
शहडोल जिले के धनपुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत बेम्हौरी बस स्टैंड के पास कोयला परिवहन में लगी हाइवा की टक्कर से 20 वर्षीय युवक राजेंद्र कोल की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और कई घंटों तक सड़क जाम रही। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कोयला परिवहन में लगे भारी वाहनों की तेज रफ्तार लगातार लोगों की जान ले रही है।
दामिनी खदान से संगमा साइडिंग जा रही थी हाइवा
जानकारी के अनुसार हाइवा क्रमांक CG-10 BL-9095 दामिनी कोल माइंस से कोयला लेकर संगमा कोल साइडिंग जा रही थी। बेम्हौरी हनुमान मंदिर के सामने बाइक सवार राजेंद्र कोल उसकी चपेट में आ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई और शव हाइवा के नीचे फंस गया।
सात घंटे तक सड़क जाम, अधिकारियों को बुलाने की मांग
हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर एसईसीएल के महाप्रबंधक एवं उपक्षेत्रीय प्रबंधक को मौके पर बुलाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में लगातार हो रहे हादसों के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया जा रहा है। काफी समझाइश के बाद शाम को शव बाहर निकाला गया।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों और सूत्रों का दावा है कि क्षेत्र में कोयला एवं अन्य खनिजों के कथित अवैध कारोबार की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई और सख्त निगरानी होती तो ऐसी घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता था।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर खड़े हुए सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि कोयला परिवहन में लगे भारी वाहनों की गति, सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था की गंभीर समीक्षा की जरूरत है। लोगों ने मांग की है कि दुर्घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
आखिर कब रुकेगा मौत का यह सफर?
क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क और खनन संबंधी दुर्घटनाओं के बाद लोगों में आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर हादसे के बाद जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन यदि सुरक्षा नियमों का प्रभावी पालन और निगरानी सुनिश्चित नहीं हुई तो ऐसे हादसे दोबारा भी हो सकते हैं। अब लोगों की नजर जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।
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