आकाशीय बिजली से तीन झुलसे,इलाज के लिए फिर जूझा झिंकबिजुरी—डॉक्टरों की कमी पर भड़का जनाक्रोश ,

बुढ़ार ब्लॉक के झिंकबिजुरी क्षेत्र में खेत में धान रोपाई के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोग घायल हो गए। दो घायलों का प्राथमिक उपचार झिंकबिजुरी स्वास्थ्य केंद्र में किया गया, जबकि एक गंभीर घायल को जिला अस्पताल शहडोल रेफर किया गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने क्षेत्र में डॉक्टरों की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर नाराजगी जताते हुए स्थायी चिकित्सा व्यवस्था की मांग की।

Jul 26, 2026 - 17:57
Jul 26, 2026 - 18:05
 0  206

शहडोल/बुढ़ार। / अतुल सिंह बघेल 

बुढ़ार विकासखंड के झिंकबिजुरी क्षेत्र में रविवार शाम लगभग 4 बजे खेत में धान की रोपाई के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोग इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल झिंकबिजुरी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।

घायलों में ग्राम रैकोबा निवासी रामवती पति जनमन शाह (35 वर्ष) एवं उनकी पुत्री दुर्गेश्वरी (14 वर्ष) का प्राथमिक उपचार झिंकबिजुरी स्वास्थ्य केंद्र में किया जारहाहै। वहीं किशन पति राकेश महरा (28 वर्ष), निवासी झिंकबिजुरी की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला चिकित्सालय शहडोल रेफर किया गया, । मौके पर समाजसेवी अनिल श्रीवास्तव आरक्षक इंद्रबहादुर सिंह,  सहित स्थानीय समाजसेवी संदीप ने तत्काल राहत एवं उपचार की व्यवस्था कराने में सक्रिय भूमिका निभाई।

ग्रामीणों का सवाल—अस्पताल भवन बन गए, लेकिन डॉक्टर कब मिलेंगे?

इस घटना के बाद ग्रामीणों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि झिंकबिजुरी सहित आसपास के कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहते। उनका कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को डॉक्टरों की नियुक्ति एवं नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए आवेदन और मौखिक शिकायतें दी गईं, लेकिन स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ।

ग्रामीणों का कहना है कि केवल अस्पताल की इमारत बना देने से स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी नहीं हो जाती। जब आपातकाल के समय डॉक्टर ही उपलब्ध न हों, तो ऐसी स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य अधूरा रह जाता है। उनका आरोप है कि समय पर समुचित इलाज नहीं मिलने से क्षेत्र में कई मरीजों की जान तक जा चुकी है और हर नई घटना के बाद यही सवाल फिर सामने खड़ा हो जाता है।

हर बार की तरह फिर आगे आए अनिल श्रीवास्तव

स्थानीय लोगों ने बताया कि आपदा की इस घड़ी में अनिल श्रीवास्तव ने एक बार फिर तत्परता दिखाते हुए घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहयोग किया। ग्रामीणों ने उनके इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समय में उनकी सक्रियता कई परिवारों के लिए संबल बनती है।

जांच और जवाबदेही की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने मांग की है कि झिंकबिजुरी एवं आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाए तथा स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी भी मरीज को इलाज के अभाव में संकट का सामना न करना पड़े।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0