तो क्या मुद्रिका ने बड़ी मुद्रा लेकर स्थानांतरित सचिवों को पंचायत का दिला दिया प्रभार चर्चा का बाजार गर्म

बुढ़ार जनपद में स्थानांतरण का अनोखा खेल! आदेश हुए जारी, लेकिन सचिवों ने नहीं की जॉइनिंग, फिर कैसे निकला लाखों का भुगतान?

Jul 17, 2026 - 10:18
Jul 21, 2026 - 14:25
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तो क्या मुद्रिका ने बड़ी मुद्रा लेकर स्थानांतरित सचिवों को पंचायत का दिला दिया प्रभार चर्चा का बाजार गर्म
जिला पंचायत सीईओ शिवम प्रजापति, जनपद शोहागपुर सीईओ मुद्रिका पटेल,
तो क्या मुद्रिका ने बड़ी मुद्रा लेकर स्थानांतरित सचिवों को पंचायत का दिला दिया प्रभार चर्चा का बाजार गर्म
तो क्या मुद्रिका ने बड़ी मुद्रा लेकर स्थानांतरित सचिवों को पंचायत का दिला दिया प्रभार चर्चा का बाजार गर्म
तो क्या मुद्रिका ने बड़ी मुद्रा लेकर स्थानांतरित सचिवों को पंचायत का दिला दिया प्रभार चर्चा का बाजार गर्म
तो क्या मुद्रिका ने बड़ी मुद्रा लेकर स्थानांतरित सचिवों को पंचायत का दिला दिया प्रभार चर्चा का बाजार गर्म

अतुल सिंह बघेल !!

जनसत्ता एक्सपोज।। जनपद पंचायत बुढ़ार में सचिवों के स्थानांतरण में एक नया मोड़ सामने आया है जिन पंचायत सचिवों का स्थानांतरण अन्य पंचायत में किया गया था अब वही सचिव उन पंचायत के अतिरिक्त नए स्थानांतरित जगह का प्रभार भी अपने पास रखेंगे ।दिनांक 16 जून 2026 को हुए स्थानांतरण आदेश क्रमांक पत्र क्रमांक : GAD/4/0001/2026-gad-9-01जारीकर्ता : मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग कार्यालय : मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल और पत्र क्रमांक : पंचा.राज./एफ.-6/E-1303970/2026 जारीकर्ता : मध्यप्रदेश शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग कार्यालय : मंत्रालय, भोपाल के तहत जनपद पंचायत बुढ़ार में नव सचिवों का स्थानांतरण अन्य पंचायत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति के आदेश के तहत कर दिया गया था जिसमें कुछ सचिवों के द्वारा स्थानांतरण आदेश पर हाईकोर्ट के द्वारा अवरुद्ध का आदेश हवाला देकर वहीं पंचायत में अभी तक भारमुक्त नहीं हुए हैं यहां तक तो ठीक था लेकिन हाल ही में हुए आदेश क्रमांक के तहत पूरे स्थान पर नीति की बखिया उधेड़ दी गई जिन सचिवों का स्थानांतरण अन्य पंचायत में हुआ था उन पंचायत सचिव को एक बार पुणे उन्हीं के पंचायत का प्रभार दे दिया गया अब बात सवाल यहां उठकर आ रहा है कि जब पंचायत के सचिवों को अतिरिक्त ग्राम पंचायत का प्रभार दिया जाना था तो यह स्थानांतरण की नीति क्यों और मध्य प्रदेश शासन के द्वारा दिए गए निर्देशों का जिस प्रकार से जिला पंचायत सीईओ के द्वारा नाफरमानी की गई है उसे तो साफ तौर पर नजर आ रहा है कि स्थानांतरण आदेश एक मजाक की तरह था असल में पंचायत सचिवों से एक मोटी मुद्रा लेकर अन्य पंचायत का प्रभार दिए जाने का था खैर आदेश जो भी हो लेकिन जनपद पंचायत बुढ़ार में मुद्रिका का जोर बड़ी मुद्रा के साथ खलबली मचाई हुए हैं और चर्चा का बाजार गर्म है।

बुढ़ार जनपद में स्थानांतरण का अनोखा खेल! आदेश हुए जारी, लेकिन सचिवों ने नहीं की जॉइनिंग, फिर कैसे निकला लाखों का भुगतान?

16 जून के स्थानांतरण आदेश पर उठे सवाल

शहडोल जिले की जनपद पंचायत बुढ़ार इन दिनों सचिवों के स्थानांतरण को लेकर चर्चाओं में है। सूत्रों के अनुसार जिला पंचायत सीईओ द्वारा 16 जून को कई पंचायत सचिवों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए थे। आदेश में स्पष्ट उल्लेख था कि संबंधित कर्मचारी तीन दिवस के भीतर नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें तथा पुरानी पंचायत से किसी भी प्रकार का आहरण न किया जाए।

जॉइनिंग से पहले ही लाखों का आहरण?

चर्चाओं के अनुसार कुछ सचिवों ने निर्धारित समय सीमा में नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया। आरोप है कि इसके बावजूद उन्होंने 19-20-21-22-23-24 जून पुरानी पंचायतों से लगभग 6 लाख, 10 लाख और 12 लाख रुपये तक के विभिन्न भुगतान एवं आहरण किए। यदि यह तथ्य अभिलेखों में सही पाए जाते हैं, तो यह स्थानांतरण आदेशों के पालन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

25जून को कारण बताओ नोटिस, फिर भी नहीं बदले हालात

पत्र क्रमांक : क्र./ज.पं./स्थापना/2026-27/3099दिनांक : 25/06/2026 विषय : स्थानांतरित स्थान पर उपस्थित होने व प्रभार सूची प्रस्तुत करने बाबत। : कार्यालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत शहडोल का आदेश क्रमांक /पंचा./स्था./2026/1/1098555/2026, दिनांक 16.06.2026।बताया जा रहा है कि 25 जून को जिला पंचायत सीईओ ने संबंधित सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा कि आदेश के बावजूद नई पदस्थापना पर कार्यभार क्यों ग्रहण नहीं किया गया। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई कि यदि स्थानांतरण आदेश की अवहेलना करते हुए पुरानी पंचायत से आहरण किया गया है, तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दिया।

16 जुलाई को नया मोड़, दोनों पंचायतों का एक साथ प्रभार

मामले ने 16 जुलाई को क्रमांक/पंचा./स्था./2026/2248-1098555 नया मोड़ ले लिया, जब संबंधित सचिवों को ऐसी व्यवस्था के तहत कार्य करने की अनुमति मिलने की चर्चा शुरू हुई जिसमें उन्हें पुरानी और नई—दोनों पंचायतों का प्रभार सौंप दिया गया। इस निर्णय ने पूरे मामले को और अधिक विवादों में ला दिया है।

मुद्रिका ने 50000 की मुद्रा लेकर किया उलटफेर! तो जनपद भी 30000 से अछूता नहीं 

सूत्रों के मुताबिक स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी जोरों पर है कि स्थानांतरण व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए कथित रूप से जनपद स्तर पर लगभग ₹30,000 तथा जिला स्तर पर लगभग ₹50,000 तक की अवैध राशि लिए जाने की बातें कही जा रही हैं। इन पैसों में सबसे बड़ा नाम निकल कर जो आया है वो मुद्रिका का है जिन्होंने 50000 लेकर स्थानांतरण पर सवाल खड़े कर दिए हैं हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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